आख़िर क्या है राजस्थान में “ULA मॉडल” का मतलब ?

राजस्थान में “ULA मॉडल” का मतलब “Utility Led Aggregation (यूटिलिटी-लेड एग्रीगेशन) मॉडल” है। यह PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana के तहत लागू किया जा रहा है।

सरल भाषा में समझें

पहले यदि किसी घर पर रूफटॉप सोलर लगवाना होता था, तो उपभोक्ता को:

वेंडर ढूंढना पड़ता था

कोटेशन लेना पड़ता था

लोन/भुगतान की व्यवस्था करनी पड़ती थी

DISCOM अनुमतियाँ और नेट-मीटरिंग करवानी पड़ती थी

ULA मॉडल में यह काम DISCOM या राज्य की नामित एजेंसी करती है। यानी हजारों घरों की मांग को एक साथ जोड़कर (aggregate करके) सोलर सिस्टम लगवाए जाते हैं।


राजस्थान में ULA मॉडल कैसे काम करेगा?

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राजस्थान की तीनों DISCOMs:

Jaipur Vidyut Vitran Nigam Limited (JVVNL)

Ajmer Vidyut Vitran Nigam Limited (AVVNL)

Jodhpur Vidyut Vitran Nigam Limited (JDVVNL)

मिलकर बड़े पैमाने पर आवासीय रूफटॉप सोलर परियोजनाएँ लागू करने की तैयारी कर रही हैं। चयनित EPC/Vendor कंपनियाँ डिजाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, नेट-मीटरिंग और O&M का काम करेंगी, लेकिन पूरा कार्यक्रम DISCOM के नेतृत्व में चलेगा।

Utility Led Aggregation (ULA) Model

ULA मॉडल के दो प्रमुख प्रकार

1. Utility Owned Asset Model

सोलर सिस्टम कुछ वर्षों तक DISCOM/राज्य एजेंसी के स्वामित्व में रहता है।

बाद में उपभोक्ता को हस्तांतरित किया जा सकता है।

स्थापना और भुगतान की जिम्मेदारी यूटिलिटी की होती है।

2. Consumer Owned Asset Model

DISCOM सामूहिक रूप से इंस्टॉलेशन करवाती है।

सिस्टम चालू होते ही उपभोक्ता के नाम हो जाता है।

अतिरिक्त सहायता/अनुदान भी दिया जा सकता है।

दोनों मॉडल PM Surya Ghar योजना की ULA गाइडलाइन में शामिल हैं।

इसका फायदा क्या है?

कम झंझट

उपभोक्ता को अलग-अलग वेंडर के पास नहीं जाना पड़ता

कम प्रारंभिक खर्च

कम आय वाले परिवारों को मदद मिलती है

तेज़ अनुमतियाँ

नेट-मीटरिंग और DISCOM प्रक्रियाएँ आसान होती हैं

बेहतर गुणवत्ता

एक जैसी गुणवत्ता और निगरानी सुनिश्चित होती है

सौर उद्योग के लिए इसका मतलब

यदि आप राजस्थान में सोलर EPC, मॉड्यूल सप्लाई या DISCOM टेंडर से जुड़े हैं, तो ULA मॉडल का मतलब है कि छोटे-छोटे घरों की जगह बड़े क्लस्टर/टेंडर आधारित इंस्टॉलेशन होंगे। इससे बड़े पैमाने पर मॉड्यूल, इन्वर्टर और इंस्टॉलेशन की मांग उत्पन्न हो सकती है।

Utility Led Aggregation (ULA) Model +1

एक लाइन में: ULA मॉडल = DISCOM/राज्य एजेंसी हजारों घरों को एक साथ जोड़कर उनकी तरफ से रूफटॉप सोलर लगवाती है, ताकि लागत, प्रक्रिया और समय कम हो और सोलर तेजी से फैल सके।

यदि आप राजस्थान में सोलर बिजनेस करते हैं, तो ULA मॉडल को समझना आपके लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाले समय में इसमें बड़े पैमाने पर इंस्टॉलेशन और टेंडर के अवसर बढ़ सकते हैं।

1. ULA मॉडल और रेगुलर EPC मॉडल में अंतर

बिंदुULA (Utility Led Aggregation)Regular EPC Model
ग्राहक कैसे मिलता हैDISCOM/सरकारी एजेंसी ग्राहकों को एकत्र करती हैकंपनी स्वयं ग्राहक खोजती है
टेंडरबड़े क्लस्टर या बल्क प्रोजेक्टप्रत्येक ग्राहक अलग
इंस्टॉलेशनDISCOM द्वारा चयनित एजेंसी के माध्यम सेEPC कंपनी सीधे ग्राहक के लिए काम करती है
भुगताननिर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, अक्सर सरकारी चैनल सेग्राहक सीधे EPC कंपनी को भुगतान करता है
सब्सिडीनिर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ULA के माध्यम सेग्राहक राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन कर सब्सिडी प्राप्त करता है
मार्केटिंग खर्चकमअधिक
प्रतिस्पर्धाटेंडर आधारितओपन मार्केट

ULA मॉडल में DISCOM या राज्य सरकार बड़ी संख्या में घरों की मांग को एक साथ जोड़कर (Aggregate) एक या अधिक एजेंसियों के माध्यम से इंस्टॉलेशन करवाती है। यह मॉडल Utility Owned Asset या Consumer Owned Asset दोनों रूपों में लागू किया जा सकता है। 


2. ULA मॉडल में सोलर कंपनियों के लिए बिजनेस अवसर

राजस्थान में ULA लागू होने पर कंपनियों के लिए कई अवसर बनते हैं:

✔ हजारों Rooftop Solar सिस्टम का Bulk Installation

✔ बड़े ऑर्डर मिलने से प्रति सिस्टम लागत कम होती है।

✔ Modules, Inverter, Structure और BOS सामग्री की Bulk Supply

✔ Installation एवं Commissioning Contract

✔ 5 वर्ष या उससे अधिक का O&M (Operation & Maintenance)

✔ Net Metering एवं Documentation सेवाएँ

✔ DISCOM के साथ दीर्घकालीन कार्य संबंध

✔ PM Surya Ghar जैसी योजनाओं में लगातार काम मिलने की संभावना

यदि आपकी कंपनी मॉड्यूल सप्लाई, EPC और O&M तीनों कर सकती है, तो ULA मॉडल में अच्छा अवसर मिल सकता है।


3. राजस्थान में ULA या Rooftop Solar टेंडर में Vendor कैसे भाग लें?

Step 1 – Vendor Empanelment

सबसे पहले राजस्थान DISCOM (JVVNL/AVVNL/JdVVNL) के साथ Empanelled Vendor बनना आवश्यक होता है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं। 

Step 2 – National Portal पर पंजीकरण

PM Surya Ghar योजना के अंतर्गत अधिकृत Vendor के रूप में सूचीबद्ध होना महत्वपूर्ण है। राजस्थान के लिए अनेक Empanelled Vendors पहले से सूचीबद्ध हैं।

Step 3 – Rajasthan e-Procurement Portal

राजस्थान सरकार और संबंधित एजेंसियाँ समय-समय पर Rooftop Solar के टेंडर जारी करती हैं। सभी निविदाओं पर नियमित नज़र रखें।

टेंडर पोर्टल:
Rajasthan e-Procurement Portal

Step 4 – आवश्यक योग्यताएँ

आमतौर पर निम्नलिखित दस्तावेज़/योग्यताएँ मांगी जाती हैं

GST एवं PAN

कंपनी पंजीकरण

MNRE/DISCOM Empanelment

पिछले कार्यों का अनुभव

Turnover Criteria

Technical Team

Financial Statements

EMD एवं Tender Fee

Step 5 – Bid Submission

Technical Bid

Financial Bid (BOQ)

आवश्यक Certificates

Product Datasheets

Warranty Documents


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